आलस्य
अल्सस्य कुतो वोद्या मुद्रण ई-मेल
ल्सस्य कुतो वोद्या कुतो वित्तं कुतो यशः ।
आलसी मानव को विद्या, धन, यश कहाँ से प्राप्त हो ?

 
अलक्ष्मीराविशत्येनं मुद्रण ई-मेल
अलक्ष्मीराविशत्येनं शयानमलसं नरम् ।
सदैव (सोते रहनेवाले) आलसी को दरिद्रता अपना निवास्थान बनाती है ।

 
निरीहो नाऽश्नुते मुद्रण ई-मेल
निरीहो नाऽश्नुते महत् ।
आलसी मानव महान वस्तु को प्राप्त नहीं कर सकता ।

 
सुखं दुःखान्त मुद्रण ई-मेल
सुखं दुःखान्तमालस्यम् ।
आलस एक एसा सुख है जिसका परिणाम दुःख है ।

 
आलस्योपहता मुद्रण ई-मेल
आलस्योपहता विद्या ।
आलस से विद्या नष्ट होती है ।

 
आलस्यं मित्रवद् मुद्रण ई-मेल
आलस्यं मित्रवद् रिपुः ।
आलस मित्र जैसा सुखद लगता है लेकिन वह शत्रु है ।


 
आलस्यंहि मनुष्याणां मुद्रण ई-मेल
आलस्यंहि मनुष्याणां शरीरस्थो महारिपुः ।
आलस मानव के शरीर में रहनेवाला बडा शत्रु है ।

 



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