ज्ञान
ऋते ज्ञानात् न मुक्तिः मुद्रण ई-मेल

ऋते ज्ञानात् न मुक्तिः ।
ज्ञान बिना मुक्ति नहीं है ।

 
यस्यागमः केवलजीविकायै मुद्रण ई-मेल

यस्यागमः केवलजीविकायै
तं ज्ञानपण्यं वणिजं वदन्ति । 

जिसका शास्त्राध्ययन केवल जीविका के लिए है वह विद्वान को ज्ञान बेचनेवाला व्यापारी कहते है ।

 
ज्ञानमार्गे ह्यहंकारः मुद्रण ई-मेल

ज्ञानमार्गे ह्यहंकारः परिधो दुरतिक्रमः ।
ज्ञान के मार्ग में अहंकार जबरदस्त रुकावट है ।

 
श्रध्दावान् लभते मुद्रण ई-मेल

श्रध्दावान् लभते ज्ञानम् ।
श्रध्दावान मानव ज्ञान प्राप्त करता है ।

 
न हि ज्ञानेन सदृशं मुद्रण ई-मेल

न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते ।
इस दुनिया में ज्ञान से अधिक पवित्र कोई चीज़ नहीं है ।

 
तद्विध्दि प्रणीपातेन मुद्रण ई-मेल

तद्विध्दि प्रणीपातेन परेप्रश्र्नेन सेवया ।
विनम्रता, प्रश्र्न और सेवा करके उस ज्ञान को प्राप्त करो ।

 
श्रेयान् द्रव्यमयात् मुद्रण ई-मेल

श्रेयान् द्रव्यमयात् यज्ञात् ज्ञानयज्ञः परंतपः ।
हे परंतप ! द्रव्ययज्ञ से ज्ञानयज्ञ श्रेष्ठ है ।

 
ज्ञाने तिष्ठन्न मुद्रण ई-मेल

ज्ञाने तिष्ठन्न बिभेतीह मृत्योः ।
ज्ञान में अवस्थित होने से मानव मृत्यु से नहीं डरता ।

 
ज्ञानस्यान्तो न विद्यते मुद्रण ई-मेल

ज्ञानस्यान्तो न विद्यते ।
ज्ञान का अंत नहीं है ।

 



[+]
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
 Type in