आशा
गुर्वपि विरहदुःखम मुद्रण ई-मेल
गुर्वपि विरहदुःखमाशाबन्ध साहयति।
पुनः मिलने की आशा भारी विरह को झेलने की शक्ति देती है ।

 
जीविताशा धनाशा च मुद्रण ई-मेल
जीविताशा धनाशा च जीर्यतोऽपि न जीर्यति ।
आदमी वृध्द होता है लेकिन उसकी जीने की और धन की आशा वृद्ध नहीं होती ।

 
आशवधिं को गतः मुद्रण ई-मेल
आशवधिं को गतः ।
आशा का पार कौन कर पाया है ?

 
धनाशा जीविताशा च मुद्रण ई-मेल
धनाशा जीविताशा च गुर्वी प्राणभृतां सदा ।
प्राणीयों को धन की, और जीने की बहुत आशा होती है ।

 
आशया ये कृता दासास्ते मुद्रण ई-मेल
आशया ये कृता दासास्ते दासाः सर्वदेहिनाम् ।
आशा ने जिस को दास बनाया है वह सर्व लोगों को दास बनाता है ।

 
आशा बलवती ह्येषा मुद्रण ई-मेल
आशा बलवती ह्येषा न जहाति नरं कचित् ।
बलवान आशा मानव को कभी छोडकर नहीं जाती ।

 
आशां संश्रुत्य यो हन्ति मुद्रण ई-मेल
आशां संश्रुत्य यो हन्ति स लोके पुरुषाधमः ।
जो मानव दूसरे को आशा देकर उसका भंग करता है वह दुनिया में अधम पुरुष है ।

 



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