विलम्बो नैव कर्तव्यः मुद्रण
विलम्बो नैव कर्तव्यः आयुर्याति दिने दिने ।
न करोति यमः क्षान्तिं धर्मस्य त्वरिता गतिः ॥

विलंब करना ठीक नहि । दिन ब दिन आयुष्य कम होता है । यमराज रुकेंगे नहि, धर्म की (काल की) गति त्वरित है ।