पंकैर्विना सरो भाति मुद्रण
पंकैर्विना सरो भाति सभा खलजनै र्विना
कटुवणैर्विना काव्यं मानसं विषयैर्विना ॥

सरोवर कीचडरहित हो तो शोभा देता है, दुष्ट मानव न हो तो सभा, कटु वर्ण न हो तो काव्य और विषय न हो तो मन शोभा देता है ।