सत्येन शुध्यते वाणी मुद्रण
सत्येन शुध्यते वाणी मनो ज्ञानेन शुध्यति ।
गुरुशुश्रूषया काया शुध्दिरेषा सनातनी ॥

वाणी सत्य से, मन ज्ञान से, काया गुरु की सेवा से शुध्द होती है – ये सनातन शुध्दि है ।