संसारे मानुष्यं सारं मुद्रण ई-मेल
संसारे मानुष्यं सारं मानुष्ये च कौलीन्यम् ।
कौलिन्ये धर्मित्वं धर्मित्वे चापि सदयत्वम् ॥

संसार में मनुष्यत्व, मनुष्यत्व में खानदानी, खानदानी में धर्मिष्टत्व, और धर्मिष्टत्व में सदयत्व सार (रुप) है ।

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