सर्वे वेदा न तत् कुर्युः मुद्रण ई-मेल
सर्वे वेदा न तत् कुर्युः सर्वे यज्ञाश्च भारत ।
सर्वे तीर्थाभिषेकाश्च तत् कुर्यात् प्राणिनां दया ॥

हे भारत ! सब वेद, सब यज्ञ, सब तीर्थ, सब अभिषेक – जो नहि कर सकता है, वह (भी) प्राणियों पर दया तो कर हि सकता है ।

Comments (0)
Only registered users can write comments!
 

[+]
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
 Type in