न स्वर्गो वाऽपवर्गो वा मुद्रण ई-मेल
न स्वर्गो वाऽपवर्गो वा नैवात्मा पारलौकिकः ।
नैव वर्णाश्रमादीनां क्रिया च फलदायिका ॥

स्वर्ग, मोक्ष, आत्मा, परलोक – ये कुछ भी नहीं है । वर्णाश्रम, या कर्मफल इत्यादि भी सत्य नहीं । (नास्तिक मत)

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