लोकायता वदन्त्येवं मुद्रण ई-मेल
लोकायता वदन्त्येवं नास्ति देवो न निवृत्तिः ।
धर्माधर्मौ न विद्यते न फलं पुण्यपापयोः ॥

लोकायत (नास्तिक वर्ग) लोग ऐसा कहते हैं कि देव या मुक्ति जैसा कुछ नहीं है; धर्म-अधर्म नहीं है; पाप-पुण्य का फल होता है, ऐसा भी मानने की आवश्यकता नहीं ।

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