ओंकारः सर्वमंत्रणामुत्तमः मुद्रण ई-मेल
ओंकारः सर्वमंत्रणामुत्तमः परिकीर्तितः ।
ओंकारेण प्लवैनैव संसाराब्धिंतरिष्यसि ॥

सभी मंत्रो में ओंकार हि उत्तम मंत्र है । ओंकाररुप नौका से हि संसार सागर पार होगा ।

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