सत्यं तपो ज्ञानमहिंसता मुद्रण
सत्यं तपो ज्ञानमहिंसता च
विद्वत्प्रणामं च सुशीलता च ।
एतानि यो धारयति स विद्वान्
न केवलं यः पठते स विद्वान् ॥

सत्य, तप, ज्ञान, अहिंसा, विद्वानों को प्रणाम, (और) सुशीलता – इन गुणों को जो धारण करता है, वह विद्वान और नहीं कि जो केवल अभ्यास करता है वह ।