धर्मजिज्ञासमानानां प्रमाणं मुद्रण ई-मेल
धर्मजिज्ञासमानानां प्रमाणं प्रथमं श्रुतिः ।
द्वितीयं धर्मशास्त्रं तु तृतीयं लोकसङ्ग्रहः ॥

समान धर्मजिज्ञासा होने के तीन प्रमाण हैं; श्रुति, धर्मशास्त्र और लोकसंग्रह ।

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