उप समीपे यो वासो मुद्रण ई-मेल
उप समीपे यो वासो निजात्मपरमात्मनोः ।
उपवासः स विज्ञेयो न तु कायस्य शोषणम् ॥

आत्मा का परमात्मा के पास रहेना, वही उपवास है, और नहीं कि काया का शोषण करना ।

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