ईश्वर
यः स्मर्यते सर्वमुनीन्द्रवृन्दैः मुद्रण ई-मेल
यः स्मर्यते सर्वमुनीन्द्रवृन्दैः
यः स्तूयते सर्वनरामरेन्द्रैः ।
यो गीयते वेदपुराणशास्त्रैः
स देवदेवो ह्रदये ममास्ताम् ॥

सब श्रेष्ठ मुनियों का समूह जिनका स्मरण करते हैं; सब मनुष्य, देव और इन्द्र जिनकी स्तुति करते हैं; जिनके गुण पुराण, वेद और शास्त्र गाते हैं, वैसे हे देवाधिदेव ! मेरे हृदय में आकर बसो ।

 
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