स्वायत्तमेकान्तगुणं विधात्रा मुद्रण ई-मेल
स्वायत्तमेकान्तगुणं विधात्रा विनिर्मितं छादनमज्ञतायाः ।
विशेषतः सर्वविदां समाजे विभूषणं मौनमपण्डितानाम् ॥

स्वयं के आधीन, और केवल गुणों से युक्त मौन, ब्रह्मा ने अज्ञान छीपाने के आवरणरुप हि बनाया है; खास तौर पे ज्ञानीयों की सभा में मूर्खो के लिए, मौन अलंकार रुप है ।

Comments (0)
Only registered users can write comments!
 

[+]
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
 Type in