मूर्खो नही ददाति अर्थं मुद्रण
मूर्खो नही ददाति अर्थं नरो दारिद्र्यशंकया ।
प्राज्ञः तु वितरति अर्थं दारिद्र्यशंकया ॥

खुद दरिद्री बन जायेगा, इस डर से मूर्ख दान नहीं देता; पर समजदार इन्सान, भविष्य में गरीबी आने पर दान नहीं दे पायेगा, यह सोचकर अभी हि देता रहता है ।