यो ददाति सहस्त्राणि मुद्रण ई-मेल
यो ददाति सहस्त्राणि गवामश्व शतानि च ।
अभयं सर्वसत्वेभ्य स्तद्दानमिति चोच्यते ॥

जो हजारों गाय और सैंकडो घोडे देता है, और सब प्राणियों को अभय देता है, उसे दान कहते हैं ।

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