महतामपि दानानां मुद्रण ई-मेल
महतामपि दानानां कालेन क्षीयते फलम् ।
भीताऽभय प्रदानस्य क्षय एव न विद्यते ॥

बडे दान का भी समय आने पर क्षय होता है । पर भयभीत हुए को अभयदान दिया हो, उसका क्षय नहीं होता ।

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