अत्याहारः प्रवासश्च मुद्रण
अत्याहारः प्रवासश्च प्रजल्पो नियमग्रहः ।
जनसङ्गश्व लौल्यंच षड्भिः योगो विनश्यति ॥

अति आहार, अधिक श्रम, बहुत बोलना, उपवास, सामान्य लोगों का संग, और स्वादलोलुपता- इनसे योगाभ्यास में बाधा आती है ।