पुरारौ च मुरारौ च न मुद्रण ई-मेल
पुरारौ च मुरारौ च न भेदः पारमार्थिकः ।
तथाऽपि मामकी भक्तिः चन्द्रचूडे प्रधावति ॥

जिसका जिस रुप के प्रति आकर्षण होगा, वह उसे ले सकता है । पुरारी या मुरारी में कोई पारमार्थिक भेद नहीं है, कारण सभी रुप एक हि भगवान के हैं ।

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