महानप्येकजो वृक्षो मुद्रण
महानप्येकजो वृक्षो बलवान् सुप्रतिष्ठितः ।
प्रसह्य एव वातेन शक्यो धर्षयितुं क्षणात् ॥

वृक्ष बलवान, सुस्थिर, और बडा हो फिर भी, यदि अकेला हो तो पवन से एक हि क्षण में उखाडा जा सकता है ।