महानप्येकजो वृक्षो मुद्रण ई-मेल
महानप्येकजो वृक्षो बलवान् सुप्रतिष्ठितः ।
प्रसह्य एव वातेन शक्यो धर्षयितुं क्षणात् ॥

वृक्ष बलवान, सुस्थिर, और बडा हो फिर भी, यदि अकेला हो तो पवन से एक हि क्षण में उखाडा जा सकता है ।

Comments (0)
Only registered users can write comments!
 

[+]
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
 Type in