परोपकृति कैवल्ये मुद्रण ई-मेल
परोपकृति कैवल्ये तोलयित्वा जनार्दनः ।
गुर्वीमुपकृतिं मत्वा ह्यवतारान् दशाग्रहीत् ॥

विष्णु भगवान ने परोपकार और मोक्षपद दोनों को तोलकर देखे, तो उपकार का पल्लु ज़ादा झुका हुआ दिखा; इसलिए परोपकारार्थ उन्हों ने दस अवतार लिये ।

Comments (0)
Only registered users can write comments!
 

[+]
  • Increase font size
  • Default font size
  • Decrease font size
 Type in