सूक्तियाँ
मौन-विभूषणं मौनम मुद्रण ई-मेल

मौन  
विभूषणं मौनमपण्डितानाम् ।
मूर्ख लोगों का मौन आभूषण है ।

 
मौन-मौनं सम्मतिलक्षणम् मुद्रण ई-मेल

मौन
मौनं सम्मतिलक्षणम् ।
मौन सम्मति का लक्षण है ।

 
शास्त्र-सर्वस्य लोचनं मुद्रण ई-मेल

शास्त्र 
सर्वस्य लोचनं शास्त्रम् ।
शास्त्र सबकी आँख है ।

 
मंत्र-षटकर्णो भिद्यते मन्त्रः मुद्रण ई-मेल

मंत्र  
षटकर्णो भिद्यते मन्त्रः ।
मंत्र षटकर्णी हो तो उसका नाश होता है ।

 
स्वभाव-अतीत्य हि गुणान् मुद्रण ई-मेल

स्वभाव
अतीत्य हि गुणान् सर्वान् स्वभावो मूर्ध्नि वर्तते ।
सब गुण के उस पार जानेवाला “स्वभाव” हि श्रेष्ठ है (अर्थात् गुण सहज हो जाना चाहिए) ।

 
स्वभाव-न खलु वयः मुद्रण ई-मेल

स्वभाव
न खलु वयः तेजसो हेतुः ।
वय तेजस्विता का कारण नहीं है ।

 
स्वभाव-महीयांसः प्रकृत्या मुद्रण ई-मेल

स्वभाव
महीयांसः प्रकृत्या मितभाषिणः ।
बडे लोग स्वभाव से हि मितभाषी होते हैं ।

 
सुभाषित-नूनं सुभाषितरसोऽन्य मुद्रण ई-मेल

सुभाषित
नूनं सुभाषितरसोऽन्यरसातिशायी ।
सचमुच ! सुभाषित रस बाकी सब रस से बढकर है ।

 
सुभाषित-युक्तियुक्तमुपादेयं मुद्रण ई-मेल

सुभाषित
युक्तियुक्तमुपादेयं वचनं बालकादपि ।
युक्तियुक्त वचन बालक के पास से भी ग्रहण करना चाहिए ।

 
सुभाषित-बालादपि सुभाषितम् मुद्रण ई-मेल

सुभाषित
बालादपि सुभाषितम् ।
बालक के पाससे भी अच्छी बात (सुभाषित) ग्रहण करनी चाहिए ।

 
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