तस्याः खुरन्यासपवित्र मुद्रण

तस्याः खुरन्यासपवित्रपांसुमपांसुलानां धुरि कीर्तनीया ।
मार्ग मनुष्येश्वरधर्मपत्नी श्रुतेरिवाथॅ स्मृतरन्वगच्छत् ॥ २ ॥

पतिव्रताऔं में  अग्रगण्य राजा दिलीप की धर्मपत्नी सुदक्षिणा उस नन्दिनी के खुरों के रखने से पवित्र  धूलिवाले मार्ग में वेद के अर्थ के पीछे स्मृति के समान चली ।