अ१४ गुणत्रयविभागयोग
सर्वयोनिषु कौन्तेय | सर्वयोनिषु कौन्तेय |
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| श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय १४ | ||||||
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सर्वयोनिषु कौन्तेय मूर्तयः सम्भवन्ति याः । तासां ब्रह्म महद्योनिरहं बीजप्रदः पिता ॥ प्रकृति जो सभी शरीरधारी प्राणी उत्पन्न होते हैं उन सब की गर्भ धारण करनेवाली माता है और मैं बीज को स्थापन करनेवाला पिता हूँ ।
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