चरित्र पूजन
वज्रादपि कठोराणि मृदुनि | वज्रादपि कठोराणि मृदुनि |
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| सुभाषित - चरित्र पूजन | ||||||
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वज्रादपि कठोराणि मृदुनि कुसुमादपि । (बाहर से) वज्र जैसे कठोर महापुरुषों का अंतःकरण पुष्प जैसा कोमल होता है । ऐसे लोकोत्तर अंतःकरण को कौन समज सकता है ?
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