दिग्वाससं गतव्रीडं मुद्रण ई-मेल
दिग्वाससं गतव्रीडं जटिलं धूलिधूसरम् ।
पुण्याधिका हि पश्यन्ति गंगाधरमिवात्मजम् ॥

गंगा को धारण करनेवाले महादेव की भाँति दिगंबर, निर्लज्ज, जटावाले, और धूल से मैले बालक को तो कोई विशेष पुण्यशाली जीव हि देख सकता है ! (अर्थात् ऐसा बच्चा किसे अच्छा लगेगा ?)

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