विद्याविहीना बहवोऽपि पुत्राः मुद्रण
विद्याविहीना बहवोऽपि पुत्राः
कल्पायुषः सन्तु पितुः किमेतैः ।
क्षयिष्णुना वापि कलावता वा
तस्य प्रमोदः शशिनेव सिन्धोः ॥

चंद्र क्षयरोग से पीडित है, फिर भी कलावान होने से समंदर को आनंद होता है । वैसे हि एखाद भी गुणवान पुत्र से पिता को आनंद होता है, परंतु, विद्याविहीन अनेक दीर्घायु पुत्र होने से पिता को क्या ?